shivling in makka story

shivling in makka story

shivling in makka -दोस्तों आप सभी ने मक्का शहर के बारे में सुना होगा और जो लोग इस्लाम को मानते हैं उनके लिए मक्का मदीना एक जन्नत का दरवाजा माना जाता है. हर मुस्लिम जिंदगी में कम से कम एक बार वहां जाने की इच्छा रखता है और इसके लिए समय-समय पर कहां की तरफ से सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं

makka shivling

तो आइए जानते हैं मक्का शहर के कुछ अजीबो गरीब तथ्य और आख़िर क्यों यह स्थान इतना पवित्र माना जाता है ऐसा कहा जाता है कि इस्लाम का जन्म सऊदी अरब के मक्का शहर से शुरू हुआ था और 14 सौ साल पहले पैगाम पैगंबर मोहम्मद द्वारा इस्लाम की स्थापना की गई थी

मक्का में पवित्र काबा स्थित है जहां हज यात्रा संपन्न मानी जाती है दुनियाभर के कोने-कोने से यारों के लाखों लोग हज यात्रा के लिए निकलते हैं लेकिन इस जगह की सबसे खास बात यह है कि इस जगह पर गैर मुस्लिम प्रवेश नहीं कर सकते हैं. अर्थार्थ हिंदू ईसाई बौद्ध यहूदी और पारसी इस जगह पर प्रवेश नहीं कर सकते

लेकिन दोस्तों आज हम बात करेंगे कि आखिर मक्का मदीना के अंदर ऐसा कौन सा रहस्य है जिसे भगवान शिव के साथ ही से जोड़कर देखा जाता है

यदि आप मक्का की तस्वीरshivling in makka  को ध्यान से देखेंगे तो आप पाएंगे कि एक चौकोर काले रंग की इमारत है और जिसके चारों तरफ बहुत सारे लोग इकट्ठे दिखाई देते हैं इसके चारों तरफ मस्जिद बनी हुई है जहां हज जाने वाले यात्री जायरीन अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं देख लेंगे.

लेकिन इस तीर्थ स्थल के बारे में यह कहा जाता है कि मक्का मक्केश्वर महादेव का मंदिर है और यहां पर शिवलिंग अभी भी मौजूद है यहां काले पत्थर का शिवलिंग है जो खंडित अवस्था में है और हज के समय संगे अस्वद यानी कि अश्वेत पत्थर कहकर मुस्लिम उसे पूजते और चूमते हैं इसका खुलासा प्रसिद्ध इतिहासकार पी एन ओक ने अपनी पुस्तक वैदिक विश्व राष्ट्र का इतिहास में बहुत विस्तार से लिखा हुआ है

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