दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य थे महान नीतिकार, भगवान शिव को गुरु बनाकर सीखी थी मरे हुए लोगों को जिंदा करने की विद्या

दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य थे महान नीतिकार, भगवान शिव को गुरु बनाकर सीखी थी मरे हुए लोगों को जिंदा करने की विद्या

देवताओं के गुरु बृहस्पति माने गए हैं। वैसे ही दैत्यों का गुरु शुक्राचार्य को माना जाता है। बृहस्पति और शुक्राचार्य दोनों ही हमारी कुंडली में गुरु और शुक्र ग्रह के प्रतिनिधि हैं। शुक्राचार्य, भृगु ऋषि के पुत्र थे। इन्होंने अंगिरस नाम के ऋषि को गुरु बनाया लेकिन अंगिरस इनकी बजाय अपने पुत्र पर ज्यादा ध्यान देते थे। तब ये अंगिरस को छोड़ भगवान शिव के पास शिक्षा लेने गए। भगवान शिव ने उन्हें शास्त्र और शस्त्र दोनों की शिक्षा दी। समुद्र मंथन के बाद जब देवताओं ने छल से अमृत पी लिया तब भगवान शिव ने शुक्राचार्य को मृत संजीवनी विद्या की शिक्षा दी। जिससे किसी भी मरे को जीवित किया जा सकता था।

शुक्राचार्य महान ज्ञानी के साथ-साथ एक अच्छे नीतिकार भी थे। उन्होंने कई शास्त्रों की रचना भी की। शुक्राचार्य की कही गई नीतियां आज भी बहुत महत्व रखती हैं। शुक्रनीति के एक श्लोक में 9 ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें हर हाल में छिपाकर रखना चाहिए। अगर मनुष्य अपने से जुड़ी ये 9 बातें किसी को पता चल जाए तो उसके लिए नुकसान दायक साबित हो सकता है।

जानें कौन सी हैं वे 9 बातें-

आयुर्वित्तं गृहच्छिद्रं मंत्रमैथुनभेषजम्।दानमानापमानं च नवैतानि सुगोपयेतू।।

अर्थ – आयु, धन, घर के राज, गुरुमंत्र, मैथुन, दान, मान, अपमान और वैद्य इन नौ बातों को हमेशा गुप्त रखना चाहिए।

1. मान

कई लोगों के अपने मान-सम्मान का दिखावा करने की आदत होती है। यह आदत किसी भी मनुष्य के लिए अच्छी नहीं होती। मान-सम्मान का दिखावा करने से लोगों की नजर में आपके प्रति नफरत का भाव आ सकता है। साथ ही इस आदत की वजह से आपके अपने भी आपसे दूरियां बना सकते हैं।

2.अपमान

मनुष्य को यदि कभी अपमान का सामना करना पड़ जाए तो उसे इस बात को सभी से गुप्त ही रखना चाहिए। यह बात दूसरों को बताने से आपके लिए ही नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। दूसरों को पता चलने पर वे भी अपना सम्मान करना छोड़ देंगे और आप हंसी का पात्र भी बन सकते हैं।

3. मंत्र

कई लोग भगवान की कृपा पाने के लिए रोज उनकी पूजा-पाठ करते हैं। ऐसे में आप जिन मंत्रों का जाप करते हैं, ये बात किसी को भी नहीं बताना चाहिए। कहा जाता है जो मनुष्य अपनी पूजा-पाठ और मंत्र को गुप्त रखता है, उसे ही अपने पुण्य कर्मों का फल मिलता है।

4. धन

पैसों से जीवन में कई सुख-सुविधाएं पाई जा सकती हैं, लेकिन कई बार यही पैसा आपके लिए परेशानी का कारण भी बन सकता है। आपके धन की जानकारी जितने कम लोगों को हो, उतना ही अच्छा माना जाता है। वरना कई लोग आपके धन के लालच में आपसे जान-पहचान बढ़ाकर बाद में आपको नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

5. आयु

हमेशा से कहा जाता है कि मनुष्य को अपनी आयु हर किसी के सामने नहीं बतानी चाहिए। आयु को जितना गुप्त रखा जाए, उतना ही अच्छा माना जाता है। आपकी आयु को पता चलने पर आपके विरोध इस बात का प्रयोग समय आने पर आपके खिलाफ भी कर सकते हैं।

6. घर के दोष

कई लोग गृहों के दोषों से पीड़ित होते हैं, जिसकी वजह से उन्हें कई तरह की समस्याओं और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अपने गृह संबंधी दोषों का वर्णन किसी से भी करना आपके लिए नई मुसीबतों का कारण बन सकता है। गृह शांति के लिए किए जा रहे उपायों का वर्णन यदि किसी से कर दिया जाए तो फिर उसका कोई फल नहीं मिलता है।

7. औषध

औषध का अर्थ होता है डॉक्टर। चिकित्सक या डॉक्टर एक ऐसा व्यक्ति होता है, जो आपके बारे में कई निजी बातें भी जानता है। ऐसे में आपके दुश्मन या आपसे जलने वाले लोग चिकित्सक की मदद से आपके लिए परेशानी या समाज में शर्मिंदगी का कारण बन सकते हैं। इसलिए, बेहतर यही होगा कि आपके औषध या चिकित्सक की जानकारी सभी लोगों से गुप्त रखी जाए।

8. मैथुन यानि कामक्रिया

कामक्रिया पति और पत्नी के बीच की अत्यंत गुप्त बातों में से एक होती है। इस बात को जितना गुप्त रखा जाए, उतना अच्छा होता है। पति-पत्नी की निजी बातें किसी तीसरे मनुष्य को पता चलना, उसके लिए परेशानी और कई बार शर्म का भी कारण बन सकती है।

9. दान

दान एक ऐसा पुण्य कर्म है, जिसे गुप्त रखने पर ही उसका फल मिलता है। जो मनुष्य दूसरों की तारीफ पाने के लिए या लोगों के बीच अपनी महानता दिखाने के लिए अपने किए गए दान का दिखावा करता हैं, उसके किए गए सभी पुण्य कर्म नष्ट हो जाते है।

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