कैसे हैं स्त्रियां ब्रह्मण से भी विद्वान और राजा से भी तीव्र बुद्धि की मालकिन जानिए आचार्य चाणक्य की नीति से |

कैसे हैं स्त्रियां ब्रह्मण से भी विद्वान और राजा से भी तीव्र बुद्धि की मालकिन जानिए आचार्य चाणक्य की नीति से |

आचार्य चाणक्य ने आजके युग को देखते हुवे ही अपनी नीति शास्त्र में स्त्री को मर्दों से तेज दिमाग का बताया है इसलिए स्त्री वर्ग आजके समय में मर्दों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलरहीं हैं और उनका नाम आज इस दुनियां में एक अछि स्थिति में आगया है|

आचार्य चाणक्य ने स्त्रियों के साथ राजा और विद्वान ब्राह्मण की ताकत के बारे में बताया है। उन्होने नीति शास्त्र के सातवें अध्याय के ग्यारहवें श्लोक में स्त्रियों को ताकतवर बताया है। उनके अनुसार स्त्रियां अपनी इच्छानुसार कुछ भी कर सकती हैं और वो जो चाहे दूसरों से करवा सकती हैं। इसके अलावा आचार्य चाणक्य ने राजा की ताकत के बारे में बताते हुए कहा है कि वो सबसे ज्यादा ताकतवर होता है। वहीं आचार्य चाणक्य ने ब्राह्मण को भी ताकतवर मानते हुए उसकी ताकत के बारे बताया है।

नीतिशास्त्र का श्लोक –

बाहुवीर्य बलं राज्ञो ब्रह्मवित् बली ।
रूप-यौवन-माधुर्य स्त्रीणां बलमनुत्तमम्

अर्थ – आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी राजा की ताकत उसका बाहुबल होता है। आज के समय में उसके आसपास और साथ के लोग एवं सैनिक उसकी ताकत होते हैं। जिनके दम पर कोई भी राजा अपनी जनता और दुश्मनों को अपने वश में कर सकता है। इसके बाद चाणक्य ने ब्राह्मण की ताकत के बारे में समझाते हुए कहा है कि उसका बल उसकी विद्या है। यानी जो ब्राह्मण नीतिशास्त्र, वेद, पुराण और अन्य ग्रंथों के जानकार होते हैं, वो अपनी विद्या से किसी को भी अपने वश में कर सकते हैं। यानी अपने दुश्मनों से भी जो चाहे वो करवा सकते हैं। ब्राह्मण अपनी विद्या के प्रयोग से शत्रुओं का दण्ड भी दे सकता है। इसके बाद आचार्य ने इन दोनों वर्गाें के समान स्त्रियों को भी ताकतवर माना है। चाणक्य के अनुसार स्त्रियों की ताकत उनकी सुंदरता, शील और मधुरता है। यानी स्त्रियां अपने सौंदर्य, अच्छे स्वभाव और मीठी वाणी से किसी को भी वश में कर सकती हैं और अपनी इच्छा अनुसार कोई भी काम करवा सकती हैंइसलिए आचार्य चाणक्य ने आजके युग को देखते हुवे ही अपनी नीति शास्त्र में स्त्री को मर्दों से तेज दिमाग का बताया है इसलिए स्त्री वर्ग आजके समय में मर्दों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलरहीं हैं और उनका नाम आज इस दुनियां में एक अछि स्थिति मई आगया है||जय जगदम्बा माता की||

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